
ज्यादातर लोग सोचते हैं कि ये सिर्फ एक स्कैन है. लेकिन fetal medicine में बच्चा एक अलग patient होता है — जिसकी जाँच, diagnosis, उसका इलाज और पूरी pregnancy की management एक ही specialist के हाथ में होती है.
जब डॉक्टर कहते हैं कि «fetal medicine specialist से मिल लीजिए», तो ज्यादातर parents को लगता है कि उन्हें सिर्फ एक और सोनोग्राफी करवानी है. लेकिन fetal medicine स्कैन का नाम नहीं है — यह obstetrics की वह branch है जिसमें गर्भ में पल रहे बच्चे को एक अलग patient माना जाता है. इस page पर साफ-साफ समझाया गया है कि एक fetal medicine specialist आपकी pregnancy में क्या करती हैं, और यह एक routine सोनोग्राफी सेंटर से किस तरह अलग है.
Fetal medicine specialist पहले एक obstetrician और gynaecologist होते हैं, और उसके बाद fetal medicine में अलग training लेते हैं. यह क्रम महत्वपूर्ण है: pregnancy को manage करना पहले आता है, स्कैन बाद में.
Dr. Kunda Shahane MBBS, MS (Obs & Gynae) हैं और उसके बाद fetal medicine में — FIFM और FMF (London) certification के साथ. मेडिसिन में 20+ साल और fetal medicine में 14+ साल का अनुभव. वे Central India की पहली fetal medicine specialist हैं, और Indian Institute of Fetal Medicine की Founder & Director हैं.
इसका practical मतलब यह है कि जो डॉक्टर आपका स्कैन कर रही हैं, वही आपका BP, thyroid, शुगर, haemoglobin और delivery plan भी देख रही हैं. Report और इलाज के बीच कोई handover नहीं होता.
दोनों जरूरी हैं, लेकिन दोनों का role अलग है. एक routine सोनोग्राफी सेंटर स्कैन करता है और report देता है. उसके बाद आप report लेकर अपने डॉक्टर के पास जाते हैं, और वहाँ से आगे का रास्ता तय होता है.
Fetal medicine में ये दोनों काम एक ही कमरे में होते हैं. जिस डॉक्टर ने probe पकड़ा है, वही आपको बताती है कि finding का मतलब क्या है, कौन सा test अगला ज़रूरी है, और pregnancy का plan क्या रहेगा.
| काम | सोनोग्राफी सेंटर | Fetal medicine specialist |
|---|---|---|
| स्कैन | करते हैं | करती हैं |
| Report का मतलब समझाना | आमतौर पर आपके डॉक्टर पर छोड़ा जाता है | उसी visit में खुद समझाती हैं |
| कौन-सा genetic test ज़रूरी है | इस का निर्णय नहीं लेते | स्वयं तय करती हैं |
| Amniocentesis / CVS | आमतौर पर नहीं | खुद करती हैं |
| गर्भ में इलाज | नहीं | करती हैं — जैसे intrauterine transfusion |
| माँ की मेडिकल condition | क्षेत्र से बाहर | साथ में manage की जाती है |
| Counselling | सीमित | सिर्फ इसी का बड़ा हिस्सा |
NT scan, anomaly scan, fetal echocardiography, growth और Doppler studies — ये समय लेते हैं और protocol से होते हैं. हर स्कैन का एक निश्चित checklist होता है, न कि सिर्फ ये देखना कि «सब ठीक लग रहा है».
Amniocentesis, chorionic villus sampling और fetal blood sampling — ये सब ultrasound guidance में, इसी सेंटर पर किए जाते हैं. ये उसी डॉक्टर करती हैं जिन्होंने स्कैन किया और finding देखी.
हर finding के लिए एक ही test सही नहीं होता. Karyotype, FISH, microarray या exome — इनमें से कौन-सा indicated है और किस chromosome पर शक है, यह निर्णय specialist लेती हैं. गलत test का मतलब है खर्च भी और जवाब भी नहीं.
कुछ conditions का इलाज बच्चे के जन्म से पहले ही संभव है — जैसे fetal anaemia में intrauterine blood transfusion, या माँ के ज़रिए दवा. विदर्भ में पहली fetal blood transfusion इसी डॉक्टर ने की थी.
Thyroid, diabetes, BP, हृदय से जुड़ी conditions, Rh-negative और antibodies, बार-बार गर्भ गिरना — ये सब इसी pregnancy का हिस्सा हैं और इसी कमरे में देखे जाते हैं.
किसी finding का मतलब सिर्फ एक नाम नहीं है. उसकी severity, अनिश्चितता, follow-up, delivery कहाँ हो, नवजात शिशु को किस team की ज़रूरत होगी — ये सब बैठकर समझाया जाता है.
हर pregnancy में fetal medicine specialist की ज़रूरत नहीं पड़ती. लेकिन नीचे दिए गए situations में देर करने से options कम हो जाते हैं.
आप खुद भी appointment ले सकते हैं — referral ज़रूरी नहीं है. अगर आपके डॉक्टर ने भेजा है, तो report उन्हें वापस भेजी जाती है ताकि आपकी pregnancy एक ही हाथ में रहे. पूरी pregnancy की care के लिए Complete Pregnancy Care देखें.
पहली visit कितनी useful होगी, यह काफी हद तक इस पर depend करता है कि आप क्या साथ लाते हैं. इससे दोबारा स्कैन कराने की ज़रूरत कम होती है.
सोनोलॉजिस्ट स्कैन करके report देते हैं. Fetal medicine specialist स्कैन भी करते हैं, finding का मतलब समझाते हैं, ज़रूरत हो तो amniocentesis या CVS जैसी procedure खुद करते हैं, और उसके बाद की pregnancy को manage करते हैं.
नहीं. आप सीधे appointment ले सकते हैं. अगर आपके डॉक्टर ने भेजा है, तो रिपोर्ट उन्हें भी भेजी जाती है, ताकि आपकी pregnancy की care एक ही दिशा में चलती रहे.
स्कैन Dr. Kunda Shahane खुद करती हैं. इसका practical फायदा यह है कि probe पकड़े हुए ही सवाल पूछे जा सकते हैं और finding दिखते ही आगे का रास्ता तय हो जाता है.
ज़रूरी नहीं. कई markers सामान्य बच्चों में भी दिखते हैं. उनका मतलब इस पर depend करता है कि marker कौन सा है, अकेला है या दूसरों के साथ, और आपकी screening reports क्या कहती हैं. इसीलिए isolated रिपोर्ट पढ़कर जो निष्कर्ष निकालना ठीक नहीं.
नहीं. स्क्रीनिंग का मतलब है जोखिम का अनुमान लगाना, न कि निश्चित उत्तर देना. कोई भी स्कैन या test हर condition को detect नहीं कर सकता. यह बात हम पहले ही साफ-साफ बताते हैं.
यह आपकी pregnancy पर depend करता है. कई लोग सिर्फ एक बार एक specific स्कैन या opinion के लिए आते हैं. जहाँ कोई condition monitor करनी हो, वहाँ visits हर दो से चार हफ्ते में भी हो सकती हैं.
नहीं. सामान्य pregnancy में भी NT scan, anomaly scan, growth और Doppler जैसे scans fetal medicine का हिस्सा हैं. फर्क यह है कि high-risk pregnancy में इन scans की frequency और detail बढ़ जाती है.
हाँ. Counselling हिंदी, मराठी या इंग्लिश — जिस भी भाषा में आप comfortable हों — उसी में की जाती है.
Dr. Kunda Shahane को मेडिसिन में 20+ साल और fetal medicine में 14+ साल का अनुभव है. वे Central India की पहली fetal medicine specialist हैं और Indian Institute of Fetal Medicine की Founder & Director हैं.
अधिकतर प्रेग्नेंसी स्कैन में कोई खास तैयारी ज़रूरी नहीं — न उपवास, न full bladder. हाँ, समय लेकर आएं, क्योंकि detailed scan और counselling में समय लगता है.
अक्सर लोगों को लगता है कि फीटल मेडिसिन स्पेशलिस्ट सिर्फ सोनोग्राफी करते हैं। पर मैं हर स्कैन को बहुत गहराई से देखती हूँ—बच्चे की ग्रोथ, ब्लड फ्लो और माँ की मेडिकल हिस्ट्री, सब मिला के समझना पड़ता है। मेरी ज़िम्मेदारी सिर्फ एक रिपोर्ट पकड़ाना नहीं है, बल्कि आपको सही स्थिति समझाना और आगे का पक्का इलाज तय करना है।Dr. Kunda Shahane MBBS, MS (Obs & Gynae), FIFM, FMF (London)
Written and medically reviewed by Dr. Kunda Shahane, MBBS, MS (Obs & Gynae), FIFM, FMF (London) · Last reviewed: 13 September 2026
अपनी पिछली रिपोर्ट्स, prescription और screening results साथ लेकर धंतोली, नागपुर आइए. रेफरल ज़रूरी नहीं है — आप सीधे appointment ले सकते हैं.
Mayflower Clinic, Surdham Complex, Behind Silver Palace Building, 2nd Lane from Panchsheel Square, Opp. Yashwant Stadium, Dhantoli, Nagpur – 440012 · Monday–Saturday, 10:00 AM – 6:00 PM · Sunday closed
Mayflower Fetal Medicine & High-Risk Pregnancy Centre, Dhantoli, Nagpur, provides fetal ultrasound, prenatal diagnosis, fetal echocardiography, Doppler studies, genetic counseling and high-risk pregnancy care under Dr. Kunda Shahane.

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