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Hindi Patient Guide · Dhantoli, Nagpur

फीटल मेडिसिन स्पेशलिस्ट क्या करते हैं?

ज्यादातर लोग सोचते हैं कि ये सिर्फ एक स्कैन है. लेकिन fetal medicine में बच्चा एक अलग patient होता है — जिसकी जाँच, diagnosis, उसका इलाज और पूरी pregnancy की management एक ही specialist के हाथ में होती है.

स्कैन डॉक्टर खुद करती हैंInvasive procedures इसी सेंटर मेंGenetic test का निर्णय वही लेती हैंFMF (London) certified
20+साल मेडिसिन में
14+साल फीटल मेडिसिन में
Mon–Sat10:00 AM – 6:00 PM
DhantoliNagpur – 440012

जब डॉक्टर कहते हैं कि «fetal medicine specialist से मिल लीजिए», तो ज्यादातर parents को लगता है कि उन्हें सिर्फ एक और सोनोग्राफी करवानी है. लेकिन fetal medicine स्कैन का नाम नहीं है — यह obstetrics की वह branch है जिसमें गर्भ में पल रहे बच्चे को एक अलग patient माना जाता है. इस page पर साफ-साफ समझाया गया है कि एक fetal medicine specialist आपकी pregnancy में क्या करती हैं, और यह एक routine सोनोग्राफी सेंटर से किस तरह अलग है.

कृपया ध्यान दें इस केंद्र पर होने वाली हर सोनोग्राफी सिर्फ medical diagnosis के लिए की जाती है, PCPNDT Act, 1994 के पूर्ण पालन के साथ.

फीटल मेडिसिन स्पेशलिस्ट कौन होते हैं?

Fetal medicine specialist पहले एक obstetrician और gynaecologist होते हैं, और उसके बाद fetal medicine में अलग training लेते हैं. यह क्रम महत्वपूर्ण है: pregnancy को manage करना पहले आता है, स्कैन बाद में.

Dr. Kunda Shahane MBBS, MS (Obs & Gynae) हैं और उसके बाद fetal medicine में — FIFM और FMF (London) certification के साथ. मेडिसिन में 20+ साल और fetal medicine में 14+ साल का अनुभव. वे Central India की पहली fetal medicine specialist हैं, और Indian Institute of Fetal Medicine की Founder & Director हैं.

इसका practical मतलब यह है कि जो डॉक्टर आपका स्कैन कर रही हैं, वही आपका BP, thyroid, शुगर, haemoglobin और delivery plan भी देख रही हैं. Report और इलाज के बीच कोई handover नहीं होता.

एक नज़र में

योग्यता
MBBS, MS (Obs & Gynae), फिर fetal medicine
कौन करता है
स्कैन भी वही, इलाज भी वही
कहाँ
धंतोली, नागपुर – 440012
समय
सोमवार से शनिवार, 10:00 AM – 6:00 PM
भाषा
हिंदी, मराठी, इंग्लिश
रेफरल
ज़रूरी नहीं — सीधे भी आ सकते हैं

सोनोग्राफी सेंटर और fetal medicine specialist में फर्क क्या है?

दोनों जरूरी हैं, लेकिन दोनों का role अलग है. एक routine सोनोग्राफी सेंटर स्कैन करता है और report देता है. उसके बाद आप report लेकर अपने डॉक्टर के पास जाते हैं, और वहाँ से आगे का रास्ता तय होता है.

Fetal medicine में ये दोनों काम एक ही कमरे में होते हैं. जिस डॉक्टर ने probe पकड़ा है, वही आपको बताती है कि finding का मतलब क्या है, कौन सा test अगला ज़रूरी है, और pregnancy का plan क्या रहेगा.

कामसोनोग्राफी सेंटरFetal medicine specialist
स्कैनकरते हैंकरती हैं
Report का मतलब समझानाआमतौर पर आपके डॉक्टर पर छोड़ा जाता हैउसी visit में खुद समझाती हैं
कौन-सा genetic test ज़रूरी हैइस का निर्णय नहीं लेतेस्वयं तय करती हैं
Amniocentesis / CVSआमतौर पर नहींखुद करती हैं
गर्भ में इलाजनहींकरती हैं — जैसे intrauterine transfusion
माँ की मेडिकल conditionक्षेत्र से बाहरसाथ में manage की जाती है
Counsellingसीमितसिर्फ इसी का बड़ा हिस्सा

एक fetal medicine specialist असल में क्या करती हैं?

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स्पेशलिस्ट स्कैन

NT scan, anomaly scan, fetal echocardiography, growth और Doppler studies — ये समय लेते हैं और protocol से होते हैं. हर स्कैन का एक निश्चित checklist होता है, न कि सिर्फ ये देखना कि «सब ठीक लग रहा है».

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Invasive diagnostic procedures

Amniocentesis, chorionic villus sampling और fetal blood sampling — ये सब ultrasound guidance में, इसी सेंटर पर किए जाते हैं. ये उसी डॉक्टर करती हैं जिन्होंने स्कैन किया और finding देखी.

3

कौन सा genetic test, यह तय करना

हर finding के लिए एक ही test सही नहीं होता. Karyotype, FISH, microarray या exome — इनमें से कौन-सा indicated है और किस chromosome पर शक है, यह निर्णय specialist लेती हैं. गलत test का मतलब है खर्च भी और जवाब भी नहीं.

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गर्भ में इलाज

कुछ conditions का इलाज बच्चे के जन्म से पहले ही संभव है — जैसे fetal anaemia में intrauterine blood transfusion, या माँ के ज़रिए दवा. विदर्भ में पहली fetal blood transfusion इसी डॉक्टर ने की थी.

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माँ की अपनी medical conditions

Thyroid, diabetes, BP, हृदय से जुड़ी conditions, Rh-negative और antibodies, बार-बार गर्भ गिरना — ये सब इसी pregnancy का हिस्सा हैं और इसी कमरे में देखे जाते हैं.

6

Counselling और आगे का plan

किसी finding का मतलब सिर्फ एक नाम नहीं है. उसकी severity, अनिश्चितता, follow-up, delivery कहाँ हो, नवजात शिशु को किस team की ज़रूरत होगी — ये सब बैठकर समझाया जाता है.

आपको fetal medicine specialist से कब मिलना चाहिए?

हर pregnancy में fetal medicine specialist की ज़रूरत नहीं पड़ती. लेकिन नीचे दिए गए situations में देर करने से options कम हो जाते हैं.

  • किसी स्कैन रिपोर्ट में «abnormality», «marker», «suspected» या «further evaluation advised» लिखा हो.
  • NT बढ़ा हुआ हो, या first trimester screening में high risk आया हो.
  • पिछली pregnancy में बच्चे में कोई समस्या थी, या बार-बार गर्भ गिरा हो.
  • पति-पत्नी में नजदीकी का रिश्ता हो, या परिवार में कोई genetic condition हो.
  • जुड़वाँ हों, खासकर एक ही placenta साझा करने वाली.
  • माँ को diabetes, thyroid, BP, epilepsy, autoimmune disease या कोई लंबी चलने वाली दवा हो.
  • IVF pregnancy हो, या माँ की उम्र 35 से ज़्यादा हो.
  • Rh-negative ब्लड ग्रुप हो या antibodies detect हुई हों.

आप खुद भी appointment ले सकते हैं — referral ज़रूरी नहीं है. अगर आपके डॉक्टर ने भेजा है, तो report उन्हें वापस भेजी जाती है ताकि आपकी pregnancy एक ही हाथ में रहे. पूरी pregnancy की care के लिए Complete Pregnancy Care देखें.

पहली visit में क्या लेकर आएं

पहली visit कितनी useful होगी, यह काफी हद तक इस पर depend करता है कि आप क्या साथ लाते हैं. इससे दोबारा स्कैन कराने की ज़रूरत कम होती है.

  • इस pregnancy की सारी स्कैन रिपोर्ट्स — खासकर पहली वाली, जिससे dating तय हुई.
  • ब्लड रिपोर्ट्स, thyroid, sugar और कोई screening test की report.
  • आप जो दवाईयाँ ले रही हैं — नाम समेत, या strips साथ ले आएं.
  • पिछली pregnancy के records, अगर कोई समस्या हुई थी.
  • IVF या fertility treatment के papers, अगर लिए हों.
  • परिवार में कोई genetic या जन्मजात condition की जानकारी.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

फीटल मेडिसिन स्पेशलिस्ट और सोनोलॉजिस्ट में क्या फर्क है?

सोनोलॉजिस्ट स्कैन करके report देते हैं. Fetal medicine specialist स्कैन भी करते हैं, finding का मतलब समझाते हैं, ज़रूरत हो तो amniocentesis या CVS जैसी procedure खुद करते हैं, और उसके बाद की pregnancy को manage करते हैं.

क्या मुझे अपने डॉक्टर का referral letter लाना ज़रूरी है?

नहीं. आप सीधे appointment ले सकते हैं. अगर आपके डॉक्टर ने भेजा है, तो रिपोर्ट उन्हें भी भेजी जाती है, ताकि आपकी pregnancy की care एक ही दिशा में चलती रहे.

क्या स्कैन डॉक्टर खुद करती हैं या technician?

स्कैन Dr. Kunda Shahane खुद करती हैं. इसका practical फायदा यह है कि probe पकड़े हुए ही सवाल पूछे जा सकते हैं और finding दिखते ही आगे का रास्ता तय हो जाता है.

मेरी रिपोर्ट में कुछ «marker» लिखा है. क्या इसका मतलब बच्चे में समस्या है?

ज़रूरी नहीं. कई markers सामान्य बच्चों में भी दिखते हैं. उनका मतलब इस पर depend करता है कि marker कौन सा है, अकेला है या दूसरों के साथ, और आपकी screening reports क्या कहती हैं. इसीलिए isolated रिपोर्ट पढ़कर जो निष्कर्ष निकालना ठीक नहीं.

क्या स्कैन से यह पक्का पता चल जाता है कि बच्चा स्वस्थ है?

नहीं. स्क्रीनिंग का मतलब है जोखिम का अनुमान लगाना, न कि निश्चित उत्तर देना. कोई भी स्कैन या test हर condition को detect नहीं कर सकता. यह बात हम पहले ही साफ-साफ बताते हैं.

कितनी बार fetal medicine specialist से मिलना पड़ता है?

यह आपकी pregnancy पर depend करता है. कई लोग सिर्फ एक बार एक specific स्कैन या opinion के लिए आते हैं. जहाँ कोई condition monitor करनी हो, वहाँ visits हर दो से चार हफ्ते में भी हो सकती हैं.

क्या fetal medicine सिर्फ high-risk pregnancy के लिए है?

नहीं. सामान्य pregnancy में भी NT scan, anomaly scan, growth और Doppler जैसे scans fetal medicine का हिस्सा हैं. फर्क यह है कि high-risk pregnancy में इन scans की frequency और detail बढ़ जाती है.

क्या इस सेंटर पर मराठी या इंग्लिश में बात की जा सकती है?

हाँ. Counselling हिंदी, मराठी या इंग्लिश — जिस भी भाषा में आप comfortable हों — उसी में की जाती है.

आपके पास कितने समय का अनुभव है?

Dr. Kunda Shahane को मेडिसिन में 20+ साल और fetal medicine में 14+ साल का अनुभव है. वे Central India की पहली fetal medicine specialist हैं और Indian Institute of Fetal Medicine की Founder & Director हैं.

स्कैन के लिए क्या तैयारी करनी होती है?

अधिकतर प्रेग्नेंसी स्कैन में कोई खास तैयारी ज़रूरी नहीं — न उपवास, न full bladder. हाँ, समय लेकर आएं, क्योंकि detailed scan और counselling में समय लगता है.

In Dr. Kunda’s words
अक्सर लोगों को लगता है कि फीटल मेडिसिन स्पेशलिस्ट सिर्फ सोनोग्राफी करते हैं। पर मैं हर स्कैन को बहुत गहराई से देखती हूँ—बच्चे की ग्रोथ, ब्लड फ्लो और माँ की मेडिकल हिस्ट्री, सब मिला के समझना पड़ता है। मेरी ज़िम्मेदारी सिर्फ एक रिपोर्ट पकड़ाना नहीं है, बल्कि आपको सही स्थिति समझाना और आगे का पक्का इलाज तय करना है।
Dr. Kunda Shahane MBBS, MS (Obs & Gynae), FIFM, FMF (London)

Written and medically reviewed by Dr. Kunda Shahane, MBBS, MS (Obs & Gynae), FIFM, FMF (London) · Last reviewed: 13 September 2026

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स्कैन रिपोर्ट समझनी है, या आगे का रास्ता तय करना है?

अपनी पिछली रिपोर्ट्स, prescription और screening results साथ लेकर धंतोली, नागपुर आइए. रेफरल ज़रूरी नहीं है — आप सीधे appointment ले सकते हैं.

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PCPNDT Act Compliance Notice Mayflower Fetal Medicine & High-Risk Pregnancy Centre strictly complies with the Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques (Prohibition of Sex Selection) Act, 1994. Sex determination and sex-selective practices are prohibited and punishable by law. Our ultrasound services are used exclusively for medical diagnosis. Disclosure of fetal sex is illegal and is not performed at this centre under any circumstances.
Medical Disclaimer यह page सामान्य जानकारी के लिए है और इससे व्यक्तिगत मेडिकल सलाह की जगह नहीं लेता. हर pregnancy अलग होती है, और किसी भी स्कैन या रिपोर्ट को आपकी हिस्ट्री और examination के साथ ही समझा जाता है. अपनी स्थिति के लिए Dr. Kunda Shahane या अपने treating obstetrician से सलाह लें.