Call for Appointment : 0712 6692706
Call Support 07126692706
Hindi Patient Guide · Dhantoli, Nagpur

हाई रिस्क प्रेग्नेंसी क्या होती है?

'हाई रिस्क' का मतलब यह नहीं है कि कुछ बुरा होने वाला है। इसका मतलब सिर्फ़ इतना है कि आपकी प्रेग्नेंसी पर नज़र आम से ज़्यादा क़रीब से रखनी है — कितनी बार, किस बात पर, और क्यों।

वजह, निगरानी और लक्षण — तीनों साफ़स्कैन Dr. Kunda खुद करती हैंMS (Obs & Gynae) + फीटल मेडिसिनFMF (London) certified
20+साल मेडिसिन में
14+साल फीटल मेडिसिन में
MSObstetrics & Gynaecology
DhantoliNagpur – 440012

'हाई रिस्क प्रेग्नेंसी' — यह लिखा देखते ही ज़्यादातर परिवारों के मन में एक ही सवाल आता है कि क्या कुछ गड़बड़ है। असल में यह किसी नतीजे की भविष्यवाणी नहीं है। यह देखभाल का तरीक़ा तय करने वाला लेबल है: इसका मतलब सिर्फ़ इतना है कि इस प्रेग्नेंसी में कुछ ऐसा है जिस पर आम से ज़्यादा क़रीब से नज़र रखनी होगी। बहुत सी हाई रिस्क प्रेग्नेंसी पूरी तरह सामान्य डिलीवरी तक पहुँचती हैं — फ़र्क़ सिर्फ़ यह होता है कि रास्ते में जाँचें ज़्यादा होती हैं।

कृपया ध्यान दें इस केंद्र पर होने वाली हर सोनोग्राफी सिर्फ medical diagnosis के लिए की जाती है, PCPNDT Act, 1994 के पूर्ण पालन के साथ।

एक नज़र में

इसका मतलब क्या है
निगरानी क़रीब से रखनी है — यह नतीजे की भविष्यवाणी नहीं है
मुख्य वजहें
BP, शुगर, thyroid, दिल की बीमारी, Rh negative, जुड़वाँ, पिछली प्रेग्नेंसी की दिक्कत, उम्र, IVF के बाद
क्या बदलता है
स्कैन और ब्लड टेस्ट की संख्या और अंतराल; डिलीवरी की जगह और समय पहले से तय
पेज का मुख्य हिस्सा
कौन से लक्षण दिखते ही तुरंत आना है — नीचे पूरी सूची दी है
क्या साथ लाना है
पुरानी सारी रिपोर्ट, ब्लड ग्रुप कार्ड, चल रही दवाइयों के नाम

किन वजहों से प्रेग्नेंसी हाई रिस्क कही जाती है

वजह माँ की तरफ़ से भी हो सकती है और प्रेग्नेंसी की तरफ़ से भी। एक से ज़्यादा वजह एक साथ होना भी आम है।

वजहनिगरानी में इसका मतलब
BP की दिक्कत या preeclampsiaBP और पेशाब की नियमित जाँच, ग्रोथ स्कैन और डॉपलर, और डिलीवरी का समय पहले से सोचकर रखना
शुगर — पहले से या प्रेग्नेंसी में हुईशुगर का नियंत्रण, बच्चे की ग्रोथ पर नज़र, और तीसरी तिमाही में ज़्यादा स्कैन
Thyroidदवा की मात्रा समय-समय पर बदलती है; खून की जाँच दोहराई जाती है
दिल की बीमारीcardiologist के साथ मिलकर योजना, और डिलीवरी की जगह पहले से तय
Rh negative और antibodiesantibody titre की जाँच और ज़रूरत पड़ने पर MCA Doppler से बच्चे में खून की कमी का अंदाज़ा
जुड़वाँ या उससे ज़्यादा बच्चेchorionicity के हिसाब से तय अंतराल पर स्कैन; एक placenta साझा हो तो अंतराल और छोटा
पिछली प्रेग्नेंसी में मिसकैरेज या बार-बार नुक़सानशुरू से जाँच और क़रीबी निगरानी; कारण ढूँढ़ने के लिए ज़रूरी टेस्ट
पिछली बार समय से पहले डिलीवरीcervix की लंबाई की नाप और ज़रूरत पड़ने पर रोकथाम का इलाज
पिछले बच्चे में कोई structural या genetic समस्याइस बार विस्तृत एनोमली स्कैन, और ज़रूरत हो तो genetic जाँच पर सलाह
माँ की उम्र ज़्यादा होनास्क्रीनिंग के विकल्पों पर विस्तार से बात, और BP व शुगर पर नज़र
IVF या fertility इलाज के बाद गर्भधारणशुरुआती स्कैन और उसके बाद नियमित निगरानी
बच्चेदानी की बनावट में फ़र्क़ या पहले की सर्जरीबच्चे की स्थिति, ग्रोथ और डिलीवरी की योजना पर असर पड़ सकता है

देखभाल में असल में क्या बदलता है

हाई रिस्क होने का मतलब यह नहीं कि हर हफ्ते स्कैन होगा। इसका मतलब है कि जाँचों का एक सोचा-समझा schedule बनेगा, जो आपकी वजह के हिसाब से तय होगा।

आम प्रेग्नेंसी में तीन स्कैन होते हैं — पहली तिमाही का NT स्कैन, 18 से 22 हफ्ते का एनोमली स्कैन, और तीसरी तिमाही का ग्रोथ स्कैन। हाई रिस्क में इनके अलावा ग्रोथ और डॉपलर की जाँच दोहराई जाती है, अक्सर 28 हफ्ते के बाद हर दो से चार हफ्ते में, और स्थिति के हिसाब से इससे भी जल्दी। जहाँ दिल की बीमारी का पारिवारिक इतिहास हो, शुगर हो या पिछली बार कोई दिक्कत रही हो, वहाँ 20 से 24 हफ्ते के बीच फीटल इको भी जोड़ा जाता है।

खून की जाँचें भी वजह के हिसाब से दोहराई जाती हैं — thyroid की दवा चल रही हो तो TSH, शुगर हो तो sugar profile, Rh negative हो तो antibody titre, BP की दिक्कत हो तो पेशाब में protein और ज़रूरी blood tests। तीसरी तिमाही में बच्चे की हरकत गिनना और ज़रूरत पड़ने पर NST जोड़ा जाता है।

आख़िरी हिस्सा डिलीवरी की योजना है: कब, कहाँ और किस तरह। हाई रिस्क में यह फ़ैसला आख़िरी हफ्ते पर नहीं छोड़ा जाता, बल्कि पहले से सोचकर रखा जाता है — ख़ास तौर पर यह कि डिलीवरी ऐसी जगह हो जहाँ ज़रूरत पड़ने पर NICU उपलब्ध हो।

इन लक्षणों पर इंतज़ार न करें

यह हिस्सा ध्यान से पढ़िए और याद रखिए। इनमें से कोई भी बात हो तो अगली तय तारीख़ का इंतज़ार न करें — उसी दिन डॉक्टर से संपर्क करें या अस्पताल पहुँचें।

लक्षणक्यों देर नहीं करनी
बच्चे की हरकत कम लगना या बंद लगनायह बहुत भरोसेमंद चेतावनी है। «कल देखते हैं» सोचकर रुकना नहीं चाहिए
खून आना, चाहे थोड़ा ही होplacenta या cervix से जुड़ी वजह हो सकती है, जिसे देखना ज़रूरी है
तेज़ सिरदर्द, आँखों के आगे धुंधलापन या चमकBP से जुड़ी गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है
पेट के ऊपरी हिस्से में, ख़ास तौर पर दाईं तरफ़, तेज़ दर्दयह पेट की आम गैस नहीं होती; इसे BP की जाँच के साथ देखना पड़ता है
चेहरे और हाथों पर अचानक सूजनपैरों की हल्की सूजन आम है, पर अचानक बढ़ी सूजन अलग बात है
पानी जाना या लगातार गीलापनझिल्ली फटने का संकेत हो सकता है, ख़ास तौर पर समय से पहले
लगातार पेट में कसाव या दर्द, समय से पहलेसमय से पहले प्रसव की शुरुआत हो सकती है, जिसे रोकने के उपाय मौजूद हैं
बुख़ार, ठंड लगना या पेशाब में जलनinfection प्रेग्नेंसी में जल्दी बढ़ती है
घर पर नापा गया BP 140/90 से ऊपरदोबारा नापकर तुरंत दिखाइए, भले ही कोई तकलीफ़ न हो
लगातार उल्टी, चक्कर या साँस फूलनामाँ की स्थिति बिगड़ने का संकेत हो सकता है

इन लक्षणों की सूची फ़ोन में सेव कर लीजिए या प्रिंट करके घर में रख लीजिए। परिवार के बाक़ी लोगों को भी दिखा दीजिए — कई बार पहली बार किसी और की नज़र पड़ती है।

एक ही डॉक्टर के देखने से क्या फ़र्क़ पड़ता है

आम तौर पर हाई रिस्क प्रेग्नेंसी में महिला दो या तीन जगह घूमती है — स्कैन कहीं और, रिपोर्ट दिखाना कहीं और, और दवा तीसरी जगह। हर बार कहानी दोबारा सुनानी पड़ती है, और दो जाँचों के बीच का संबंध किसी एक के पास पूरा नहीं होता।

Dr. Kunda पहले MS (Obs & Gynae) हैं, उसके बाद फीटल मेडिसिन। इसका सीधा मतलब यह है कि स्कैन वही करती हैं, रिपोर्ट का मतलब वही समझाती हैं, कौन सा genetic टेस्ट ज़रूरी है यह वही तय करती हैं, और माँ की स्थिति — BP, शुगर, thyroid, Rh negative, खून की कमी — भी वही संभालती हैं। हाई रिस्क में यह फ़र्क़ सामान्य प्रेग्नेंसी से कहीं ज़्यादा मायने रखता है, क्योंकि यहाँ फ़ैसले एक-दूसरे से जुड़े होते हैं: ग्रोथ का ग्राफ़, डॉपलर, माँ का BP और डिलीवरी का समय — चारों एक साथ पढ़े जाते हैं।

Dr. Kunda की बात, वीडियो में

स्कैन, रिपोर्ट और पूरी प्रेग्नेंसी — एक ही जगह

हाई रिस्क प्रेग्नेंसी में स्कैन, रिपोर्ट की व्याख्या, दवाइयों में बदलाव और डिलीवरी की योजना — ये सब एक ही डॉक्टर की देखरेख में चलते हैं। रिपोर्ट पकड़ाकर किसी और के पास भेजने का सिलसिला नहीं।

Complete Pregnancy Care · हिंदी में सारी guides · High-risk pregnancy (English) · मराठीत वाचा

फ़ीस

हाई रिस्क में स्कैन ज़्यादा लगते हैं, इसलिए यह सवाल जायज़ है। हर जाँच की मौजूदा फ़ीस और उसमें क्या शामिल है, एक ही पेज पर दिया गया है।

Pregnancy scan cost देखें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

हाई रिस्क प्रेग्नेंसी का मतलब क्या मेरा बच्चा ख़तरे में है?

नहीं। यह लेबल यह नहीं बताता कि क्या होने वाला है; यह बताता है कि निगरानी कितनी क़रीब से रखनी है। बहुत सी हाई रिस्क प्रेग्नेंसी पूरे समय तक अच्छी तरह चलती हैं — फ़र्क़ सिर्फ़ यह होता है कि रास्ते में जाँचें ज़्यादा होती हैं।

कितने ज़्यादा स्कैन लगेंगे?

यह वजह पर निर्भर करता है। आम प्रेग्नेंसी के तीन स्कैन के अलावा, अक्सर 28 हफ्ते के बाद हर दो से चार हफ्ते में ग्रोथ और डॉपलर की जाँच जोड़ी जाती है। स्थिति के हिसाब से यह अंतराल छोटा भी हो सकता है। पूरा schedule पहली मुलाक़ात में ही लिखकर दिया जाता है।

क्या हाई रिस्क में सिज़ेरियन तय है?

नहीं। हाई रिस्क होना अपने आप में सिज़ेरियन का कारण नहीं है। कई महिलाएँ सामान्य डिलीवरी तक पहुँचती हैं। तरीक़ा वजह, बच्चे की स्थिति, ग्रोथ और उस समय की परिस्थिति देखकर तय होता है, और यह बात पहले से समझाकर बताई जाती है।

क्या मैं नौकरी या काम जारी रख सकती हूँ?

ज़्यादातर मामलों में हाँ। बहुत देर खड़े रहना, भारी वज़न उठाना, रात की shift और लंबा सफ़र कम करने की सलाह दी जाती है। जहाँ BP की दिक्कत, समय से पहले प्रसव का ख़तरा या जुड़वाँ बच्चे हों, वहाँ सलाह अलग हो सकती है — इसलिए यह सवाल अपनी स्थिति के हिसाब से पूछिए।

मैं नागपुर से बाहर रहती हूँ, हर बार आना मुश्किल है।

यह आम स्थिति है। हर विज़िट में ज़रूरी जाँचें एक ही दिन में की जाती हैं ताकि एक ही चक्कर में काम पूरा हो। कुछ जाँचें और रूटीन चेकअप आपके अपने शहर में करवाकर रिपोर्ट यहाँ दिखाई जा सकती हैं, और कौन सी विज़िट यहाँ ज़रूरी है यह पहले से बता दिया जाता है।

हर विज़िट में क्या साथ लाना है?

पुरानी सारी स्कैन रिपोर्ट, खून की जाँचें, ब्लड ग्रुप कार्ड, चल रही दवाइयों के नाम, और घर पर नापे गए BP या शुगर के रिकॉर्ड। फ़ाइल बिखरी हो तो भी चलेगा — रिपोर्ट सब साथ होनी चाहिए, क्योंकि पिछली रिपोर्ट के बिना बदलाव की दिशा नहीं पढ़ी जा सकती।

ज़्यादा निगरानी का ख़र्च कितना बढ़ जाएगा?

ख़र्च इस बात पर निर्भर करता है कि कितनी बार और कौन सी जाँच लगती है। हर जाँच की फ़ीस scan cost पेज पर दी गई है, और अगली विज़िट में क्या होगा यह हर बार पहले से बता दिया जाता है ताकि अचानक ख़र्च न आए।

क्या मुझे अपनी मौजूदा डॉक्टर छोड़नी पड़ेगी?

ज़रूरी नहीं। कई महिलाएँ अपनी obstetrician के साथ रहती हैं और यहाँ सिर्फ़ फीटल मेडिसिन की जाँच और सलाह के लिए आती हैं; रिपोर्ट और सलाह उनकी डॉक्टर को भेज दी जाती है। जो चाहती हैं कि पूरी प्रेग्नेंसी यहीं देखी जाए, उनके लिए वह भी मुमकिन है।

In Dr. Kunda’s words
'हाई रिस्क प्रेग्नेंसी' सुनते ही कई औरतें घबरा जाती हैं कि कुछ बहुत बुरा होने वाला है। मैं उन्हें समझाती हूँ कि इसका मतलब बस इतना है कि हमें आपके केस में थोड़ा ज़्यादा ध्यान देना होगा। रिस्क किस बात का है, कितनी बार चेकअप लगेगा और किन लक्षणों पर ध्यान देना है—जब मैं ये बातें साफ़-साफ़ समझा देती हूँ, तो उनका डर काफी हद तक कम हो जाता है।
Dr. Kunda Shahane MBBS, MS (Obs & Gynae), FIFM, FMF (London)

Written and medically reviewed by Dr. Kunda Shahane, MBBS, MS (Obs & Gynae), FIFM, FMF (London) · Last reviewed: 15 September 2026

Related pages

आपकी प्रेग्नेंसी हाई रिस्क बताई गई है?

पुरानी सारी रिपोर्ट, ब्लड ग्रुप कार्ड और चल रही दवाइयों के नाम साथ लेकर धंतोली, नागपुर आइए। पहली ही मुलाक़ात में जाँचों का schedule लिखकर दिया जाता है। रेफरल ज़रूरी नहीं है।

Mayflower Clinic, Surdham Complex, Behind Silver Palace Building, 2nd Lane from Panchsheel Square, Opp. Yashwant Stadium, Dhantoli, Nagpur – 440012 · Monday–Saturday, 10:00 AM – 6:00 PM · Sunday closed

PCPNDT Act Compliance Notice Mayflower Fetal Medicine & High-Risk Pregnancy Centre strictly complies with the Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques (Prohibition of Sex Selection) Act, 1994. Sex determination and sex-selective practices are prohibited and punishable by law. Our ultrasound services are used exclusively for medical diagnosis. Disclosure of fetal sex is illegal and is not performed at this centre under any circumstances.
Medical Disclaimer यह पेज सामान्य जानकारी के लिए है और इससे व्यक्तिगत मेडिकल सलाह की जगह नहीं ली जा सकती। कोई भी स्कैन या जाँच यह भरोसा नहीं दे सकती कि बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है; स्क्रीनिंग टेस्ट सिर्फ़ संभावना का अंदाज़ा देते हैं, निदान नहीं करते। अपनी स्थिति के लिए Dr. Kunda Shahane या अपने treating obstetrician से सलाह लें। ऊपर दिए गए किसी भी लक्षण में देर न करें।